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कर्जमाफी की मांग पूरी होने पर ही अंतिम संस्कार हो

 

 खुदकुशी से पहले किसान ने लिखा –

कर्जमाफी की मांग पूरी होने पर ही अंतिम संस्कार हो

महाराष्ट्र में जारी किसानों की हड़ताल के बीच गुरुवार को एक और किसान ने खुदकुशी कर ली. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सोलापुर जिले की करमाला तहसील में कर्ज से परेशान धनाजी जाधव ने पेड़ से लटककर जान दे दी. धनाजी जाधव ने परिवार और मित्रों को संबोधित सुसाइट नोट में लिखा है कि जब तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस उसके गांव नहीं आते हैं और किसानों की कर्जमाफी की घोषणा नहीं कर देते हैं, तब तक उसके शव का अंतिम संस्कार न किया जाए.

रिपोर्ट के मुताबिक धनाजी जाधव के पास ढाई एकड़ जमीन थी और वह 60,000 रुपये का कर्जदार था. इसके अलावा उसने स्थानीय साहूकारों से भी कुछ कर्ज ले रखा था. इससे पहले राज्य में किसानों की खुदकुशी के कम से कम चार मामले सामने आ चुके हैं. पांच जून को नासिक जिले में एक किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली थी. इसके बाद जालना, नांदेड़ और बुलढाणा जिलों से एक-एक किसान की खुदकुशी का मामला सामने आया.

राज्य में किसानों की हड़ताल के बीच खुदकुशी के मामलों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर दबाव बढ़ा दिया है. 31 अक्टूबर तक छोटे किसानों का कर्ज माफ करने की उनकी घोषणा भी हड़ताली किसानों को मनाने के मामले में बेअसर साबित हुई है. कर्जमाफी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, फसलों की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, दूध का दाम प्रति लीटर 50 रुपये करने, ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराने, 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले किसानों को पेंशन देने और ड्रिप सिंचाई पर 100 फीसदी अनुदान देने जैसी मांगों को लेकर महाराष्ट्र के किसान पिछले हफ्ते अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे.


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