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छेड़छाड़ से परेशान गांधी मेडिकल कॉलेज की 300 छात्राएं

 

भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हॉस्टल में रहने वाली एमबीबीएस व पीजी की छात्राओं ने असमाजिक तत्वों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत डीन से की है। छात्राएं इस मामले को लेकर 27-11-2017 सोमवार सुबह डीन से मिलने पहुंची थीं। 300 छात्राओं ने अपने दस्तखत के साथ दी शिकायत में बाहरी लोगों द्वारा छेड़छाड़ करने की बात लिखी है।छात्राओं ने कहा पहले तो कमेंट करते थे, अब पोर्च तक पहुंच जाते हैं

छात्राओं ने अपनी शिकायत में कहा है कि असमाजिक तत्व उन्हें पिछले छह महीने से परेशान कर रहे हैं। पहले वे दूर से कमेंट करते थे, पर अब उनकी हरकतें बढ़ गई हैं। कॉलेज परिसर ही नहीं वे हॉस्टल के पोर्च तक पहुंच रहे हैं। डीन से अपना परेशानी बताते हुए कई छात्राएं रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से उनका हॉस्टल से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं की जानकारी पूर्व में हॉस्टल वार्डन व अन्य अधिकारियों को दी चुकी है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आज छात्राओं को डीन को लिखित शिकायत के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्राओं ने कहा कि मोटरसाइकिल से अलग-अलग ग्रुप में बाहरी लड़के कैंपस में घूमते रहते हैं। छात्राओं का पीछा कर उन्हें हॉस्टल तक परेशान करते हैं। एमबीबीएस की छात्राएं इनसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि वे पैदल ही हॉस्टल से आती-जाती हैं। इधर जीएमसी डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने इस गंभीर मामले में हॉस्टल के वार्डन से बात कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की बात कही है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बाहरी तत्व कॉलेज के पोर्च तक पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। पीजी के एक छात्र ने बताया कि बाहरी तत्वों की हरकतें बंद नहीं हुईं तो किसी दिन बड़ा विवाद हो सकता है। बता दें कि दो साल पहले हमीदिया अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती कुछ मरीज गर्ल्स हॉस्टल के अंदर तक पहुंच गए थे। छात्राओं ने उनकी पिटाई कर दी थी।


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