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मोजर बेयर कर्मचारियों ने प्रबंधन पर लगाया जबरन तालाबंदी का आरोप

ग्रेटर नोएडा। सीडी और डीवीडी विनिर्माता मोजर बेयर इंडिया के ग्रेटर नोएडा स्थित प्लांट के कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा दो दिन का विशेष अवकाश दिये जाने के बाद जब कर्मचारी 04 नवंबर को काम पर पहुंचे तो गेट बंद मिला और बताया गया कि छुट्टी एक दिन बढ़ा दी गयी है। जब कर्मचारियों ने सुरक्षा अधिकारियों से बात की तो और संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वहीं गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठ गये और इस संबंध में जनपद गौतमबुद्धनगर (उत्तर प्रदेश) के उप श्रमायुक्त को सूचना दी गयी। साथ ही इस बारे में थानाध्यक्ष सूरजपुर और एस.एस.पी. को भी सूचना दे दी गयी।

मोजर बेयर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष महेशचंद शर्मा और महामंत्री डोरी सिंह का कहना है कि सरकारी अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि कंपनी के अधिकारियों से बात कर जल्द मामले का हल निकलवाया जायेगा। इस संबंध में 4 नवंबर की दोपहर में ही अपर जिलाधिकारी की मध्यस्थता में कंपनी प्रबंधकों के साथ बैठक हुई जिसमें कंपनी की ओर से कर्मचारियों की कई सुविधाओं को बंद करने के मुद्दे भी उठाये गये। कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि इसके बाद कंपनी ने साजिश करते हुए 4 नवंबर को ही प्लांट के गेट पर नोटिस चिपका दिया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं इसलिए ताला लगाया गया है जबकि स्थिति कुछ और है।
 
कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि हम ना तो किसी हड़ताल पर हैं और ना ही हमने किसी तरह की हड़ताल का नोटिस दिया है। उनका कहना है कि कंपनी ने गैर कानूनी तरीके से गेट पर ताला लगाया है जिसे खुलवाया जाना चाहिए। कर्मचारी यूनियन ने इस संबंध में जिलाधिकारी, श्रम आयुक्त, मुख्य सचिव (श्रम) से मदद की गुहार लगायी है।
 
कर्मचारी यूनियन ने इस संबंध में स्थानीय भाजपा विधायक तेजपाल सिंह नागर से मुलाकात कर मदद की गुहार लगायी तो विधायक ने श्रम मंत्री, उत्तर प्रदेश के नाम पत्र लिख कर मोजर बेयर कंपनी द्वारा की गयी 'गैर कानूनी तालाबंदी' मामले में मंत्री से दखल देने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि कंपनी के इस गैर कानूनी रवैये के कारण 300 कर्मचारियों के समक्ष रोजगार का खतरा उत्पन्न हो गया है।
 
कर्मचारी यूनियन ने प्रभासाक्षी.कॉम को कंपनी की ओर से लगाये गये उस नोटिस की कॉपी भी भेजी है जिसमें कंपनी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में डीजल जेनरेटर चलाने पर लगायी गयी आंशिक रोक के कारण दो और तीन नवंबर को परिचालन स्थगित रहेगा। कंपनी ने दो और तीन नवंबर की अवधि को विशेष अवकाश के तौर पर देखे जाने की बात कही थी।
 
इससे पहले कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को भेजे अपने बयान में कहा था कि उसके ग्रेटर नोएडा के कारखाने में कर्मचारियों की हड़ताल से परिचालन प्रभावित हुआ है और इस वजह से प्रबंधन को मजबूरन बंदी यानी लॉक आउट की घोषणा करनी पड़ी है। कंपनी ने कहा, ‘‘हाल में कंपनी के कर्मचारियों ने गैर-कानूनी तथा अनुचित हड़ताल अपनी अनुचित मांगों की वजह से की। इससे कारखाने का परिचालन प्रभावित हुआ।’’ इस संबंध में जब हमने कंपनी का पक्ष जानने की कोशिश की तो कंपनी की वेबसाइट पर दिये गये नंबरों पर कॉल रिसीव नहीं की गयी।
 
आज सुबह से प्रभासाक्षी की कंपनी के कई कर्मचारियों से बातचीत हुई और सभी ने कहा कि वह अभी भी गेट पर हैं और काम करने के लिए तैयार हैं लेकिन गेट पर ताला लटके होने के चलते प्रबंधन से निराश हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से भी कंपनी के कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित रखने में मदद करने की अपील की है।

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