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बीजेपी नेता चंद्रकुमार गंगवानी समेत कई बड़े भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर बरपा कहर"

 "योगी का धमाकेदार एक्शन, बीजेपी नेता चंद्रकुमार गंगवानी

समेत कई बड़े भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर बरपा कहर"

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचारियों की शामत आ गयी है. सीएम योगी के राज में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है. भ्रष्टाचारी चाहे किसी भी पार्टी का हो, सभी को क़ानून के अनुसार दंड देने के निर्देश जारी हो चुके हैं.

सबसे बड़ी खबर जो अभी सामने आ रही है, उसके मुताबिक़ बीजेपी नेता चंद्रकुमार गंगवानी की शताब्दी ट्रैवल्स फर्म के आठ ठिकानों पर आयकर अधिकारियों ने छापा मारा है

*पकड़ी गयी करोड़ों की टैक्स चोरी !*
आयकर निदेशालय के ज्वाइंट डायरेक्टर अमरेश कुमार तिवारी खुद यहां जांच करने के लिए पहुंचे. खबर है कि आयकर विभाग अब तक इनके घर से 15 लाख रुपये कैश बरामद कर चुका है. बीजेपी नेता गंगवानी के घर और ट्रैवल्स फर्म के 7 ठिकानों से कई अहम् दस्तावेज भी बरामद किये गए हैं.

आयकर अधिकारियों को जांच में पता चला कि बीजेपी नेता ने कारोबार से जुड़े रिकार्ड ही मेनटेन नहीं किये हैं. कारोबार से जुडी किसी भी चीज का कोई हिसाब-किताब कहीं लिखा तक नहीं गया है. ईमानदारी से पूरा आयकर भी नहीं दिया गया.

व्यापार से जुड़े टैक्स का भी कोई हिसाब-किताब नहीं रखा गया. आमदनी व् खर्चों का हिसाब-किताब ना होने की वजह से आयकर अधिकारियों ने पिछले 6 साल के दस्तावेजों की जांच करने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक़ ये एक बड़ी टैक्स चोरी का मामला है, बीजेपी नेता जी अब तक 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स डकार चुके हैं.
किसी तरह की चूक ना हो, इसके लिए आयकर अधिकारियों ने गंगवानी के घर के साथ-साथ उनकी शताब्दी ट्रैवल्स के फजलगंज में चार और काकादेव में तीन दफ्तरों पर एक साथ छापा मारा.

*एडिशनल कमिश्नर की महीने की कमाई 25 लाख !*

वाणिज्यकर विभाग के कई अफसरों पर भी आयकर विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी की. एडिशनल कमिश्नर केशव लाल, ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा और आरटीओ सुनीता वर्मा के ठिकानों पर भी छापेमारी की गयी. इतने उच्च सरकारी पदों पर बैठे इन अफसरों के भ्रष्टाचार को देख आयकर अधिकारी भी हैरान रह गए.

ख़बरों के मुताबिक़ वाणिज्यकर के जोनल कार्यालय कानपुर में हर महीने 2 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की अवैध वसूली होती है. काली कमाई अफसरों से लेकर वाणिज्यकर मुख्यालय, शासन के अफसरों और मंत्रियों तक में बंटती थी. कितने बड़े पैमाने पर लूट होती रही है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि खुद एडिशनल कमिश्नर केशव लाल की हर महीने की ऊपरी कमाई 25 लाख रुपये से ज्यादा है.

*आरटीओ के घर से मिला 87 लाख कैश !*
आयकर अधिकारी आरटीओ सुनीता वर्मा और वाणिज्यकर के ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा के घर से भी अब तक 87 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुके हैं. इसके साथ-साथ दो बैंक लॉकरों के बारे में जानकारी भी मिली है. वहीँ सुनीता वर्मा के इलाहाबाद स्थित बैंकों में तीन लॉकर के बारे में भी जानकारी मिली है, आयकर अधिकारियों को अंदेशा है कि इन लॉकरों में करोड़ों की ज्वेलरी बरामद होगी.

आयकर अधिकारियों को जानकारी मिली है कि नोटबंदी के दौरान अपने कालेधन को खपाने के लिए आरटीओ सुनीता वर्मा ने काफी मात्रा में सोना खरीदा था. सूत्रों के मुताबिक़ आयकर अधिकारियों को पता चला है कि ये तो अभी शुरुआत भर है, इनसे बड़े-बड़े लुटेरे विभाग में डेरा डाले बैठे हैं, जिनकी काली कमाई तो हर महीने करोड़ों में है. कानपुर में व्यापारियों और वाणिज्यकर अफसरों के बीच झड़प होना एक आम बात सी बन चुकी थी. व्यापारी कई बार वाणिज्यकर अफसरों पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए शिकायत कर चुके हैं लेकिन आपसी मिलीभगत के चलते कभी कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

*ऊपर से लेकर नीचे तक सभी हैं भ्रष्टाचारी !*

ख़बरों के मुताबिक़ विभाग में बिना नेम प्लेट और बिना वर्दी वाले सिपाही व्यापारियों के वाहनों से अवैध वसूली करते थे ताकि किसी को शक ना हो. आयकर विभाग की जांच में पता चला कि कैसे ऊपर से लेकर नीचे तक सारा विभाग ही भ्रष्टाचारियों से भरा हुआ है.

कारोबारियों से लेकर बड़े-बड़े सरकारी अधिकारियों के पास कालाधन होने की जानकारी आयकर विभाग की मिली है.

खबर है कि कानपुर में 50 से ज्यादा ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करके नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये बैंकों में जमा करा दिए. आयकर अधिकारियों को अपनी जांच में पता चला कि लगभग 500 बैंक खातों में नोटेबंदी के बाद करोड़ों रुपये जमा कराये गए. सबूतों के मिलते ही आयकर अधिकारियों ने बिना देर किये सभी पर छापेमारी करनी शुरू कर दीं है. उत्तर प्रदेश से भरष्ट सरकारी अधिकारियों और भ्रष्ट नेताओं के सफाये की शुरआत शुरू हो चुकी है.


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