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सरकार का संगठितमाफियाराज,और शिव का काज .......


       सरकार का संगठितमाफियाराज,और शिव का काज .......        

 दबंगई के दंभ से संपत्ति बटोरने में जुटे विधायक रामेश्वर शर्मा

 भोपाल। (पं.एस.के.भारद्वाज) हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा की कार्य शैली एवं धन पिपासा की चर्चा राजधानीवासी चटखारे लेकर करते यहां-वहां मिल जायेंगे। श्री शर्मा विदिशा जिले के सिरोंज के मल निवासी उन्होंने भोपाल को अपनी कर्मभूमि बनाया। राजधानी के एक मंदिर के पुजारी ने उन्हें पनाह दी थी। एक समय ऐसा आया कि वे स्वयं पुजारी बन गये। पुजारी ही नहीं बल्कि उस मंदिर के सर्वे सर्वा भी हो गये। वहां से जीवन की शुरुआत करने वो श्री शर्मा बजरंग दल के रास्ते इस मुकाम तक पहुँचे। शातिर चााल और तेज दिमाग के स्वामी श्री शर्मा को कार्यक्रमों के बहाने चंदा उगाहने में महारत हासिल है। यात्रायें निकालना, कवि सम्मेलन/मुशायरा, गोष्ठिया कराना उनका शगल बन गया। यहां से बढ़ते हुए उन्हें भाजपा ने भोपाल नगर निगम का पार्षद बनवाया खुलकर,सरकारी धन उगाही का आयोजनो के नाम पर प्रशिक्षण दिया,एक बार वार उमाभारती ने उत्तर क्षेत्र भोपाल विधान सभा का चुनाव लड़ाया परन्तु  शिवराज खेमे ने उन्हें टारगेट बनाकर पराजित करा दिया । समय बदला प्रदेश के मुखिया शिवराज बने और शर्मा को उनके खेमे में शामिल हो गये । मुखिया शिवराज ने भी प्रतिफल उक महत्वपूर्ण सरकारी उपक्रम म.प्र. खनिज विकास निगम का चेयरमैन बना कर पुरूस्कृत कर दिया । इसके बाद तो मानों प्रदेश के माफियाओं खासम खास बन गये है। गतविधान सभा चुनाव में  जिले के हुजूर विधानसभा क्षेत्र से जो संघ का सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है वहॉ से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया और वे विजयी भी हुये और आज क्षेत्र का प्रतिनिधि कर रहे है।      

      श्री रामेश्वर शर्मा विधायक बनते ही अपना दबंग तेवर नौकरशाहों को दिखाना शुरू कर दिया। उनका पहला शिकार हुजूर एस.डी.एम. माया  अवस्थी बनीं, लम्बे चौड़े वाद-विवाद के बाद मामला जैसे ही शान्त हुआ वैसे ही जिला पंचायत भोपाल के मुख्यकाय्रपालन अधिकारी से उनकी भिड़ंत हुई यहां भी उन्हें अपना कदम वापस खीचना पड़ा प्रशासनिक अधिकारियों में अपनी दबंगता का खौफ पैदा कर अपनी निजी स्वार्थ की पूर्ति का रास्ता तैयार कर रहे है। अपनी षडय़ंत्रकारी नीतियों के तहत श्री शर्मा ने कई आका बनाये और बदले। राजधानी निवासियों को उनकी पूरी दास्तां पता है बहुत कुछ लिखने की आवश्कता नही है। सिरोंज से सिर्फ बदन में पहने हुए कपड़ों में भोपाल आये की शर्मा के पास आज शहर में वेशकीमती सम्पत्तियों की भरमार है। जांच का विषय है कि उनके पास थे सम्पत्तियां आई कहां से। कई तरह की नामी-बेनामी सम्पत्तियों के स्वामी श्री शर्मा ने विधायक विश्राम गृह के पहले आने वाले रेस्ट हाउस को षडय़ंत्र पूर्वक कब्जा जमा लिया है। चंद उगाहने से जीवन की शुरूआत करने वाले रामेश्वर शर्मा अब शासकीय सम्पत्तियों को भी हड़पने से बाज नही आ रहें है। जीरो टालरेंश की बात करने वाले प्रदेश के धूर्त मुख्यमंत्री क्या रामेश्वर शर्मा की अवैध सम्पत्तियों की जांच का साहस जुटा पायेंगे? लोकायुक्त ई.ओ.डव्ल्यू जैसी एजेंसियों के हाथ क्या श्री शर्मा के गले तक पहँुच पायेंगे। श्री शर्मा उसी क्षेत्र से आते है जिस क्षेत्र का एक पूर्व मंत्री व्यापम महाघोटाले में जेल के सीखचों में पड़े सड़ रहे है। श्री शर्मा की धनपिपासा कही पुन: इतिहास दुहराने की तो तैयारी नहीं है।       

    हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा से उनके क्षेत्र के मनोज त्रिपाठी से मोबाइल बातचीत का जो अॅाडियों वायरल हुआ है, वह विधायक की करतूत को उजागर करता है। जो  साक्षात प्रमाण है म.प्र. में भाजपा सरकार के संगठितमाफिआराज का और शिव के काज का ................।


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