Bookmark and Share डिजिटल भुगतान से वैश्यावृत्ति के व्यापार में कमी के आंकड़ों से बौखलाये ,मोदी के दूत रविशंकर प्रसाद                मंत्री है या भ्रष्टाचारियों के दलाल                 मोदी के राज में पत्रकारों की आवाज की जा रही बंद, फिर भी चाटुकार बजा रहे बीन                एस्सार समूह ने केंद्रीय मंत्रियों और अंबानी बंधुओं के फोन टैप कराए                1500 करोड़ का घोटाला, राजभवन ने नहीं की कार्यवाही                फर्जी डाक्टरों का सरगना डॉ.अभिमन्यु सिंह                मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं भ्रष्टाचारियों के सरगना कहिए !                पद़माकर त्रिपाठी को डॉ. नही सफेद एप्रिन का गिद्ध कहिए !                    
मुख्यमंत्री का नैतिकता, सच्चाई और पारदर्शिता के नाम पर फिर एक बार ढोंग

मुख्यमंत्री का नैतिकता, सच्चाई और पारदर्शिता  के नाम पर  फिर एक बार ढोंग 

 भोपाल। व्यापम घोटाले का सच जनता को अब प्रदेश की भाजपा सरकार बताने की तैयारी में जुट गई है। इस अभियान को महाजनसम्पर्क अभियान नाम दिया गया है। हर सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहकर स्वयं सफाई देंगे। हर महासंपर्कों की तरह इस महासंपर्क में जन-धन की बर्वादी की जाएगी। नैतिकता, सच्चाई और पारदर्शिता की बात करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में यदि नैतिकता है तो, पहले उन्हें पद त्यागकर जनता के सामने जाना चाहिए। जैसे कि राज्य के वरिष्ठतम मंत्री गृह एवं जेल बावूलाल गौर ने साफ तौर पर यह कहा है कि आज के समय में नैतिकता की बात है कहां। जहां तक सच्चाई की बात है वह जनता सब धीरे धीरे जान रही है। रही बात पारदर्शिता की तो व्यापम महाघोटाले में मुख्यमंत्री की पारदर्शिता को भी जनता के सामने ला दिया है। अब मुख्यमंत्री जनता को क्या सच बताएगें यह तो वही,जाने पर क्या उनके सच को जनता जनार्दन स्वीकार करने की स्थिति में है? यदि वास्तविक रूप से जनता-जनार्दन से सच शेयर करना ही चाहते हैं तो सर्वप्रथम पद त्याग कर सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जनता के सामने जायें और सच बताऐं, यह उनकी नैतिकता की परीक्षा है। जनता को हमेशा वेबकूफ नहीं बनाया जा सकता। भाजपा को यह मालूम होना चाहिए कि काठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती। जनता को बहला फुसलाकर सत्ता की सीढ़ी चढऩे वाली भाजपा की सरकार की विश्वसनीयता कसौटी पर है। अब यदि इसे बनाए रखना है तो वास्तव में नैतिकता, पारदार्शिता और सच्चाई की परीक्षा की परीक्षा से गुजरना होगा, तभी आगे का रास्ता सुलभ हो सकेगा। नर्मदा, औकारेश्वर और चम्बल में हो रहे अवैध उत्खनन में लगे लोग कौन है क्या यह भी बताएंगे? अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कलम चलाने वाले लोगों की हत्या करने वाले कौन है ? क्या यह भी बताएंगे? आपके कार्यकाल में खनिज माफियाओं द्वारा दर्जनों सरकारी अधिकारियों की हत्याऐं हो चुकी है। क्या इसे भी बताएगें? आप या आपके परिजनों के क्या-क्या कारोबार चल रहे हैं क्या यह भी बताएंगे? क्या एजेंट के रूप में कैबिनेट में बैठाए गए मंत्री राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल और आपकी सहमति के बिना क्या खनिज माफियाओं का राज मध्यप्रदेश में कायम हो पाता? क्या क्षेत्रवार राजनेताओं ने खनिज संसाधन का भारी अवैध दोहन नहीं किया है? जग जाहिर है जब पानी सर से ऊपर आ गया तब जनता को सच बताने की कवायद शुरु हो रही है। कहा भी है डूबते को तिनके का सहारा वही मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार एक वार पुन: दोहराने की तैयारी में है। 


Email (With coma separated ) :
You can Advertisment here
संपर्क करें      मेम्बेर्स      आपके सुझाव      हमारे बारे मे     अन्य प्रकाशन
Copyright © 2009-14 Swarajya News, Bhopal. Service and Private Policy