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भारतीय कानून का दुरुपयोग वरदान से बड़ा अभिशाप

 भारतीय कानून का दुरुपयोग वरदान से बड़ा अभिशाप

 

 

                                  इसे घरेलु हिंसा नहीं कहेंगे

  कमरे में बंद कर रखती थी पति को और करती थी ये हाल

बरनाला (विवेक सिंधवानी, गोयल): सिविल अस्पताल में एक व्यक्ति ने पत्नी पर गत 15 दिनों से कमरे में बंद करके मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर एक शिष्टमंडल डी.एस.पी. पलविन्द्र सिंह चीमा को मिला।

सिविल अस्पताल में आपबीती सुनाते हुए सेवामुक्त अध्यापक मीरी मल्ल ने कहा कि उसका पुत्र परमिंद्र सिंह करियाने का कार्य करता है। उसकी पुत्रवधू ने उसकी पत्नी शिमला देवी को मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया। गत 15 दिनों में उसके पुत्र परमिन्द्र सिंह को उसकी बहू ने एक कमरे में बांध कर बंद कर दिया, वहीं अस्पताल में घायल पति का गला पकड़ कर मारपीट करने की कोशिश की। उसका पुत्र सिरसा वालों का प्रेमी है।

जब इस बात का डेरा प्रेमियों को पता चला तो वे बड़ी संख्या में अस्पताल में पहुंच गए। घायल परमिन्द्र सिंह ने भी इन सभी आरोपों को दोहराया। उधर, पत्नि ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसका पति दिमागी तौर पर ठीक नहीं रहता। वह बिना कपड़ों से बाहर आ जाता है। इसलिए उसने उसको कमरे में रखा था। दूसरी ओर पति ने कहा कि वह दिमागी तौर पर बिल्कुल ठीक है।

फिलहाल डी.एस.पी. पलविन्द्र सिंह चीमा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। मामले की गहराई से जांच की जाएगी। जांच दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

                                       

 हाई कोर्ट के आदेश ,फीस नियामक कमेटी

 निजी स्कूलों में नकेल हेतु हाई कोर्ट के आदेश पर सरकार ने फीस नियामक कमेटी बनाई कोई भी निजी स्कूल अब अपनी मर्जी से फ़ीस नही बढ़ा सकेंगे। 15 अप्रैल तक कोई भी निजी स्कूल न्या ऐडमिशन नही ले सकते।यदि लिये हो तो उसे कैंसल कर पालक को ऐडमिशन से सम्बंधित समस्त राशि लौटानी होगी ऐडमिशन 15 अप्रैल के बाद लिए जा सकेंगे वो भी फ़ीस नियामक द्वारा फ़ीस दर लागु करने के बाद,आर्डर की कॉपी 1-2 दिनों में आप सभी को वाट्स आप में उपलब्ध कराई जॉएगी, आप सभी से अनुरोध जब तक नियामक स्कूलो की फ़ीस तय नही कर देते फ़ीस मत जमा कराइये। कृपया ये मैसेज ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में भेजे क्योकि आज हर आदमी पालक है और ये पालकों के हित में है। 

ईस्ट इण्डिया कम्पनी व्यापारी बनकर

    भारत को लूटने आई थी ?

 

ईस्ट इण्डिया कम्पनी व्यापारी बनकर भारत को लूटने आई थी ? 1857 की क्रांति के बाद भारत की जनता की आवाज को कुचलने को व्रिटिश सरकार ने बर्तमान में चल रही I.P.C.और Cr.p.C. और पुलिस को भारतीयों की आवाज कुचलने के लिए बनाया था ? जिसमे अभियोजन स्वीकृति, राज कार्य में बाधा, न्यायिक अधिकारी संरछण अधिनियम आदि थे किन्तु विदेशों (विर्टेन) में आज भी ऐसे कानून नहीं हैं ? जबकि भारत में न्यायाधीश संरछण अधिनियम बना कर, राजतन्त्रिक व्यवस्था को और मजबूत किया गया ? लोक व्यवस्था राज्य का विषय है ? केंद्र की उदासीनता पर, दंड विधि और दंड प्रक्रिया विधि राज्यों को स्वयं बनानी चाहिए ? समयबद्ध,शीघ्र और निशुल्क न्याय, देवनागरी हिंदी और भारत की छेत्रिय भषाओं में लागू करो ? अपराध और भ्रस्टाचार मुक्त भारत बनाने को आंदोलन बनाइये...

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