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मध्यप्रदेश में तीन एनडी तिवारी,दो को सता रहा है डीएनए का खौफ, तीसरा मौजा ही मौजा

ग्वालियर- चंबल संभाग में बताते है कि असूलों की राजनीति होती है, मान-मर्यादा का ख्याल रखा जाता है। लेकिन इस परंपरा को शिवराजसिंह चौहान के तीन अनमोल रत्नों ने थकी हुई जवानी के जोश में ठोकर मार दी । ठोकर मारी वहां तक तो ठीक है, भाई लोगों ने बाहरवाली से प्रेम ही नहीं किया बल्कि उससे दो कदम आगे जाकर हरकत(आर राजकुमार की गंदी..गंदी बात) कर दी और यह कार्रवाई अभी भी जारी है। कहते है कि प्रेम तो हमेशा पवित्र होता है। दो ने तो अपनी घरवाली के होते हुए बाहरवाली से नैन-मटक्का कर ऐसे फिसले की हर-हर गंगे करने लगे। अब हर-हर गंगे के बीच शिव के अनमोल रत्नों को डीएनए का डर सताने लगा है। शिवराज के यह रत्न एक तो संगठन में है तो दूसरे सरकार में कद्दावर मंत्री है। ये बेचारे सरकार के कामों का जवाब देने में इतने मशगूल रहते है कि इस मामले में क्या जवाब दे उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है। तीसरे वह जो शिवराज की तिकड़ी में भारी-भरकम काम निपटा रहे है। वैसे इन पर पहले भी महाकौशल के एक जिले से इसी तरह की आवाज उठी थी। वह तो भला हो उस महिला का जो मिली नहीं। ग्वालियर -चंबल संभाग के रहने वाले और संगठन में विशेष का दर्जा पाए नेताजी ने पार्टी की शूचिता को बाहरवाली के प्रवेश व्दार पर टांगकर ऐसी रासलीला खेली कि, जिसे मालूम पडा़ वह शरमाने के अलावा कुछ कर नहीं पाया। बेचारी बाहरवाली ने बाहर का रास्ता नाप लिया। संगठन वाले नेताजी ने जो हरकत बाहरवाली से की है उसको लेकर पीडि़त महिला को कुछ हमदर्द मिल गए है जो नेताजी को दर्द देने की पूरी तैयारी में जुट गए है। हमदर्दो ने विज्ञान का सहारा लेकर प्रदेश भाजपा के एनडी तिवारियों का चेहरा सामने लाने के लिए डीएनए कराने का एलान कर दिया है। एलान फिलहाल अंदरखाने में है लेकिन नेताजी को इसकी भनक लग गई है। कही ऐसा न हो कि प्रदेश में एनडी तिवारी की तरह येे नेताजी यह कहते हुए पाए जाए कि देखो मेरी शक्ल कितनी मिलती है तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। ठीक इसी तरह के सदमें से सरकार के कद्दावर मंत्री भी गुजर रहे है। ये नेताजी भी ग्वालियर चंबल संभाग से ताल्लुक रखते है,इनकी रासलीला में बेचारी महिला बर्बाद हो गई और उसको पति ने छोडऩे का कानूनी सहारा भी ले लिया है। मंत्रीजी ने प्रेम की परिभाषा को अलग रख सीधे सबै भूमि गोपाल की समझकर जबरिया कब्जा कर उस उसर जमीन पर अपने बीज बो दिए। अभागी महिला के पति को मंत्रीजी की हरकत की खबर लगी तो छोड़-छुट्टी का कागजात तैयार कर लिए। पति भी विज्ञान की सीढ़ी पर चढ़कर मंत्रीजी का चेहरा नोचना चाहता है और जमाने को बताना चाहता है कि डीएनए टेस्ट से पाप और बाप दोनों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। मंत्रीजी को जबसे डीएनए की जानकारी मिली है तबसे पति के अभियान को रोकने के प्रयास किए जा रहे है। अभी तक को मामला विफल है। इन चिरागों के अलावा एक और चिराग है जो महाकौशल के एक जिले में एक महिला के लफड़े में फंसे और न जाने कैसे निकले यह कहानी सभी को मालूम है। अब इनका नया प्रेम गीत बाजार में लांच हुआ है। युगल गीत में साथ देने वाली महिला प्रदेश के एक महापौर हाऊस में कव्वाली कर चुकी है और उसके साथ कई नेताओं के नाम संगत देने में सामने आए थे लेकिन कुछ बिगड़ा नहीं। इस बहुचर्चित नए गीत को प्रदेश राजनीति की नब्ज जानने वाले गुनगुनाते हुए देखे जा रहे है।


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