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उन्मुख कारोबारके लिए टॉप न्यूज मेकर हैं नरेंद्र मोदी

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के टॉप न्यूज मेकर रहे हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए एक जोरदार मुहिम छेडी है जिसने उनके कारोबार उन्मुख राज्य में राजनीतिक जोश का संचार किया है। साल 2002 के गुजरात दंगों ने मोदी का अब भी पीछा नहीं छोडा है और उन्हें क्लीन चिट देने के एसआईटी के फैसले के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी ने याचिका दायर की है।

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त एसआईटी की जांच से दंगों और फर्जी मुठभेड के सिलसिले में कई राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जेल में हैं। इसबीच मोदी सरकार ने राज्य सुरक्षा एजेंसी से एक महिला की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यों का एक आयोग गठित किया है। एक अन्य अहम घटनाक्रम में गुजरात में एक दशक से रिक्त लोकायुक्त का पद भरा गया। स्वंयभू धर्मगुरू आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ सूरत की दो बहनों के बलात्कार के आरोप और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी भी राज्य की सुर्खियों में छाई रही। 214 फुट लंबी सुरंग खोद कर साबरमती जेल से फरार होने की 2008 के अहमदाबाद विस्फोट के एक आरोपी की कोशिश भी सुर्खियों में रही।

गुजरात में लगातार तीसरी बार जीत के बाद, मोदी ने आरएसएस और भाजपा मुखिया राजनाथ सिंह की मदद से भाजपा में अपने विरोधियों को चित कर दिया और प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवारी हासिल कर ली। प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी की उम्मीदवारी तय होने से गुजरात के कारोबार उन्मुख गुजरातियों में उत्साह का माहौल है। अगले साल के लोकसभा चुनाव के लिए जोरदार प्रचार अभियान चला रहे मोदी का इस साल दो बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सीधा टकराव हुआ। पहला मौका था 15 अगस्त का जब लाल किले के प्राचीर से देश के नाम मनमोहन के संबोधन के समाप्त होने के कुछ ही मिनटों बाद मोदी ने उनपर तीखे हमले किए। इसपर स्वतंत्रता दिवस पर राजनीति करने को ले कर मोदी की आलोचना हुई ।

दूसरा टकराव 29 अक्टूबर को भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर एक संग्रहालय के उद्घाटन के अवसर पर हुआ जब दोनों नेता एक मंच पर साथ साथ आए। पटेल की विरासत पाने के लिए संघर्षरत मोदी ने कहा कि "अगर वह (पटेल) पहले प्रधानमंत्री बने होते तो देश की नियति अलग होती।" इसपर मनमोहन ने चुटकी ली और कहा कि पटेल दिल की गहराई से "धर्मनिरपेक्ष" थे। इसके दो दिन बाद मोदी ने नर्मदा जिले के साधु बेट में पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी।


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