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म.प्र. सरकार के भ्रष्ट अधिकारी,दोषी फर्म मै. ऐलेन्जर्स से घटिया एक्स रे मशीनें और उपकरण खरीदने की फिराक में-

म.प्र. सरकार के भ्रष्ट अधिकारी,दोषी फर्म मै. ऐलेन्जर्स से घटिया एक्स रे मशीनें और उपकरण खरीदने की फिराक में-
 भोपाल (एस.के.भारद्वाज 9806106368)म.प्र.सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग की खरीदी के लिए अधिष्ठाता एम.जी.एम.मेडीकल कॉलेज की अध्यक्षता में खरीदी के लिए बनाई गयी क्रय समिति में उस फर्म को टेंडर में शामिल किया गया है जिसने चंडीगड़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल ऐजूकेशन एण्ड रिसर्च चंडीगढ़ (पीजीआईएमईआर)को 68 लाख से अधिक की राशि का चूना धटिया डिजिटल मोबाईल एक्स रे मशीनें सप्लाई करके लगाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार म.प्र.सरकार के अधीन मेडीकल कॉलेज,स्वशासी संस्थाऐं,डेंटल कॉलेजों,तथा संबंधित अस्पतालों के लिए जो म.प्र.शासन के अधीन चिकित्सा शिक्षा विभाग से नियंत्रित एवं संचालित होते है उनके लिए विभिन्न उपकरण एवं एक्स रे मशीनें खरीदने के लिए विभागीय मंत्री द्वारा प्रायोजित पर्चेजिंग कमेटी ने निविदाऐं बुलाई है। जिसमें मै.ऐलेन्जर्स मेडीकल सिस्टमस् ने भी भाग लिया है। यह कंपनी पूर्व से घटिया उपकरण एवं मशीनें सप्लाई करने के लिए दोषी है। इस कंपनी के वारे में चर्चा है कि यह कंपनी और इसके कर्ताधर्ता गुप चुप तरीके से विभाग के अधिकारियों से मिल कर अपने पक्ष में माहौल बना कर जल्दी से जल्दी रेट फिक्स कराना चाहते है,त्यौहारों की आपा-धापी और चुनाव के दौर में एक वार रेट फिक्स हो जाय, तो अपनी भ्रष्टाचारी दक्षता के अनुसार सांठ-गांठ करके करड़ों के आर्डर हासिल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। यहां के भ्रष्ट अधिकारियों के चर्चे और उनकी रिश्वत लेकर मापदण्ड के विरूद्ध काम करने की प्रवृति से समूचा व्यापारी जगत परिचित है। अगर यहां के अधिकारी इमानदार और मंत्री जनहितैषी होते,तो इस कंपनी को निविदा फार्म जमा करते समय ही रोक सकते थे । इस फर्म की कारगुजारियॉ कोई गुप चुप वाली नही रहीं है,बल्कि इसके कारनामों को भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक संबल देने वाली संस्था सी.ए.जी. ने भी पूर्व में उजागर की है। पर कहते है कि जब आंख बन्द करके फैसला करने से निजी हित सधते है तो क्या बुराई है। यही सोच विभागीय मंत्री ,और विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की बन चुकी है। अभी तो भ्रष्ट अधिकारियों का निर्णय भविष्य के गर्व में है जो निश्चित समय पर ही मालूम हो पायेगा।


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