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मध्य प्रदेश सरकार लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकती -मंत्री कुंवर विजय शाह

मध्य प्रदेश सरकार लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकती -मंत्री कुंवर विजय शाह



भोपाल [swarajyanews] दिल्ली गैंगेप के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में बहस का दौर शुरु हो गया है। लोगों का नजरिया महिलाओं के लिए बदल रहा है लेकिन लगता है कि हमारे मंत्रियों के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आया है।मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह यह कहकर एक बार फिर विवादों में घिर गये हैं कि सरकार लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकती।

विजय शाह ने अलीराजपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य स्तरीय जनजातीय सम्मेलन में कहा कि छात्रावास एवं आवासगृहों में लड़कियों की सुरक्षा गारंटी उनका विभाग नहीं ले सकता। शाह ने कहा कि पांच से दस लड़कियों को आगे आकर आवेदन करना होगा कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदार स्वयं उनकी होगी, सरकार की नहीं, तभी उनका विभाग उनके लिये किराये के मकान, बिजली आदि की सुविधा देने पर विचार करेगा।हलांकि विजय शाह बाद में अपने बयान की सफाई दे चुके है उन का कहना है की उन के बयान का गलत मतलब निकल गया है 7

दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस तो शुरू से ही कह रही है कि प्रदेश में लड़कियां एवं महिलायें सुरक्षित नहीं हैं और विजय शाह ने इसकी स्वीकारोक्ति कर सरकार की विफलता स्वीकार कर ली है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी कहा कि जो सरकार महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह कुछ भी नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि शाह का बयान सरकार की मानसिकता को उजागर करता है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने भी विजय शाह के बयान की निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और कहा कि समाज को ऐसे नेताओं की कदापि जरूरत नहीं जो महिलाओं से वोट तो लेना चाहते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहते। ममता शर्मा ने राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा बेटियों और महिलाओं के लिये अनेक योजनाएं तो चलाई जा रहीं हैं। लेकिन उनका असर शिशु मृत्यु दर और बाल विवाह पर नहीं दिखायी दे रहा है।

मंत्रीजी का मानना हैं कि जो लड़कियां अपने घर से दूर हॉस्टल में रहती है उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की नहीं है। दरअसल अलीराजपुर में लोग लड़कियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा मुहैया कराए जाने की मांग कर रहे थे, उन्हें आश्वासन देने के बजाय़ मंत्री साहब उनपर ही बरस पड़े। मंत्रीजी नहीं मानते कि लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। राज्य के एससी, एसटी वर्ग के जिन छात्राओं को हॉल्टल में जगह नहीं मिलती वो किराए का मकान लेकर वहां रहते है और सरकार उन्हें किराया और बिजली मुहैया कराती है लेकिन ये लोग अपनी बेटियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार से गल्रस हॉस्टल बनवाने की मांग कर रहे है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरा देश अभी सचेत है।

हर राजनीतिक पार्टी इस मौके पर किसी भी विवाद को हवा नहीं देना चाहती । ऐसे में बीजेपी नेता के इस बयान के बाद पार्टी ने इससे पल्ला झाड़ते हुए इसे उनका निजी बयान बताया है और इसकी जांच कराने की बात कही है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। बीजेपी नेता के इस बयान के बाद चारों ओर उनकी आलोचना हो रही है। वही महिला आयोग की अध्यक्षा ममता शर्मा ने विजय शाह के बयान की निंदा की है। ये कोई पहला मौका नहीं है जब बीजेपी के मंत्रियों ने महिलाओं पर इस तरह की बयानबाजी की हो। इससे पहले भी नेता महिलाओं को लेकर बयान बाजी करते रहे है।


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