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केजरीवाल ने मोदी के भ्रष्टाचार का किया खुलासा

 केजरीवाल ने मोदी के भ्रष्टाचार का किया खुलासा


नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी [आप] के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मामले का रहस्योद्घाटन किया है। केजरीवाल के मुताबिक मोदी ने कांग्रेस की एक सांसद के पति की कंपनी को भी दस हजार करोड़ रुपये मूल्य वाला गैस का कुआं मुफ्त में दिया है। साथ ही राज्य में विपक्षियों को और भी फायदे पहुंचाए गए हैं। इसलिए वे मोदी के भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह चुप हैं।

केजरीवाल ने मंगलवार को दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि गुजरात की सरकारी कंपनी 'गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम' [जीसपीसी] ने केजी बेसिन में अपने गैस ब्लॉक की दस-दस फीसद हिस्सेदारी दो कंपनियों 'जियो ग्लोबल' और 'जुबिलेंट एनप्रो' को मुफ्त में दे दी। इसके लिए बोली तक नहीं लगाई गई। सरकार ने दावा किया कि कंपनियां उन्हें तकनीकी सहयोग देंगी। उसी केजी बेसिन में मुकेश अंबानी की कंपनी भी तेल निकाल रही है। उसने भी ब्रिटिश पेट्रोलियम से इसी तरह का समझौता कर उसे ३० फीसद हिस्सा दिया है। बदले में उसने ३५ हजार करोड़ रुपये भी लिए हैं, जबकि राज्य सरकार ने यह सब मुफ्त में दे दिया।

जुबिलेंट कंपनी कांग्रेस सांसद के पति श्याम सुंदर भरतिया की है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और 'आप' के नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा मिलकर गुजरात को लूट रही हैं। जब कैग [नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक] ने इस मामले की जांच शुरू की तो मोदी ने वर्ष २०१० में केंद्र को पत्र लिखकर समझौते को रद करने की इजाजत मांगी, लेकिन तब से केंद्र ने इसकी इजाजत नहीं दी है।

गुजरात की मोदी सरकार ने अडानी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए २.३५ और २.८९ रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी, जबकि सरकारी कंपनी २.२५ रुपये प्रति इकाई बिजली मुहैया कराने को तैयार थी। वायु सेना ने जगह मांगी तो मोदी सरकार ने ८,८०० रुपये वर्ग मीटर की दर से कीमत मांगी, लेकिन अदानी को एक रुपये से ३२ रुपये की दर से दे दी। केजरीवाल ने बताया कि संबंधित कागजात उन्हें निलंबित आइपीएस संजीव भंट्ट ने दिए हैं। भट्ट की पत्नी मोदी के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर लड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जियो ग्लोबल का मामला हाई कोर्ट में उठा, तो जजों को फायदा पहुंचाकर मामला दबा दिया गया।


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