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भारत भ्रष्ट देशो में ९४वें स्थान पर-टीआईआई

भारत भ्रष्ट देशो में  ९४वें स्थान पर-टीआईआई

नई दिल्ली [ एजेंसी ] ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) के अनुसार भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई)-२०१२ में भारत ९४वें स्थान पर है। पिछले वर्ष भारत १८३ देशों में ९५वें स्थान पर था। लेकिन कार्यपद्धति में सुधार के कारण सीपीआई के २०११ के अंक की तुलना इस वर्ष के अंक से नहीं की जा सकती।

जानकारी अनुसार बुधवार को जाहिर की गई जानकारी में भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई)-२०१२ के लिए किए गए सर्वेक्षण में शामिल १७६ देशों में भारत ९४वें स्थान पर है। भारत को शून्य (अत्यधिक भ्रष्ट) से १०० (अत्यंत पाक-साफ) के पैमाने पर ३६ अंक प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) ने बुधवार को जाहिर की।

ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) के उपाध्यक्ष एस के अग्रवाल के अनुसार पिछले वर्ष भारत १८३ देशों में ९५वें स्थान पर था। लेकिन कार्यपद्धति में सुधार के कारण सीपीआई के २०११ के अंक की तुलना इस वर्ष के अंक से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत को २०११ में भी ३६ अंक हासिल हुए थे।

सोमालिया, उत्तर कोरिया और अफगानिस्तान आठ अंकों के साथ जहां सर्वाधिक भ्रष्ट देश हैं, वहीं डेनमार्क, फिनलैंड और न्यूजीलैंड ९० अंकों के साथ सबसे कम भ्रष्ट देशों में हैं। चीन ३९ अंक हासिल कर भ्रष्टाचार के मामले में भारत से बेहतर स्थिति में है, जबकि पाकिस्तान को २७ अंक हासिल हैं।

ट्रांस्पैरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) के उपाध्यक्ष एस के अग्रवाल के अनुसार २०१२ के सूचकांक में देशों को उनके यहां सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तरों के आधार पर स्थान प्राप्त हुआ है और शून्य से १०० के पैमाने पर अंक दिए गए हैं। शासन व व्यापारिक वातावरण के विश्लेषण में विशेषज्ञता रखने वाले १० स्वतंत्र आकड़ा स्रोतों का इसमें इस्तेमाल किया गया है।


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