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सरकारी अस्पताल एम,वाय में लाचार माँ की कोख में बच्चे की मौत

 

   लाचार माँ की कोख में बच्चे की मौत 

इंदौर  इंदौर के महाराजा यशवंत राव हास्पिटल में आज एक माँ अपने बच्चे को जन्म देने की खातिर चार घंटे तक अस्पताल में तड़फती रही लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े [ एम वाय ] अस्पताल में एक भी डाक्टर ऐसा नहीं था जिसके दिल में इस तड़फती हुई माँ के लिए दया आई हो , आखिर लाचार माँ की कोख में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया ! डाक्टरों की लापरवाही के चलते शनिवार रात एक प्रसूता के गर्भ में बच्चे की मौत हो गई । बच्चे की मौत के बाद भी डाक्टरों ने प्रसूता की सुध नहीं ली और महिला घंटो पड़ी तड़पती रही । एक ही दिन में यहा दूसरी घटना है इससे पहले सुबह लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत हो चुकी है । प्रदेश का सबसे बड़े अस्पताल सरकारी अस्पताल कहलाने वाले एम,वाय,अस्पताल के हालत पर कई सवालिया निशान लग चुके है ! यहाँ की हालत बाद से बदतर नजर आने लगी है ! अस्पताल में इलाज की लापरवाही के चलते कई मरीजों की जान जा चुकी है !

ऐसा ही एक मामला सामने आया है धार की रहने वाली फरजाना ईद पर अपने पिता के घर इंदौर आई थी । शनिवार शाम को फरजाना को दर्द होने पर एम,वाय,अस्पताल लाया गया । जहा डाक्टरों ने फरजाना की सुध ही नहीं ली । करीब चार घंटे तक फरजाना के परिजन परेशान होते रहे ओर इलाज के आभाव में रात करीब १० बजे फरजाना के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई । गर्भ में बच्चे की मौत होने पर भी डाक्टरों ने फरजाना की सुध नहीं ली और फरजाना जमींन पर ही तडपती रही । कुछ समय में ही फरजाना की हालत और ख़राब हो गई क्योकि बच्चे के गर्भ में होने के कारण शरीर में जहर फैलाने लगा था । जब पूरा मामला को मिडियाकर्मियों ने अपने कैमरों में कैद किया तो अस्पताल में हड़कंप मच गया ।

प्रसूति वार्ड में तैनात महिला सुरक्षागार्ड तो मिडियाकर्मियों से हाथापाई करने लगी और कैमरे बंद करने की धमकी देनें लगी । जब मीडियाकर्मियों ने डियूटी पर तैनात महिला डाक्टरों से बात करना चाही तो पता चला की डाक्टर आई ही नहीं पूरा प्रसूति विभाग जूनियर डाक्टरों के भरोसे था । अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही इतनी अधिक फैली है की मिडियाकर्मिओ को देख कई मरीज के परिजनों ने अपनी पीड़ा बताई । शनिवार रात जिस तरह अस्पताल परिसर में प्रसूता को इलाज न मिलने से उसके गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई । उससे सरकार द्वारा चलाई जा रही उन तमाम योजनाओ पर सवाल खड़े हो गए है जो प्रसुताओ के लिए चलाई जा रही है ।


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