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सहकारिता मंत्री की संपत्ति की सी.बी.आई. जांच हो-प्रसन्न चैरडिया

सहकारिता मंत्री की संपत्ति की सी.बी.आई. जांच हो-प्रसन्न चैरडिया


बालाघाट [रहीम खान ] समाजवादी पार्टी के अनशन कारी नेता व पूर्व प्रदेश सचिव प्रसन्न चैरडिया ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता एवं पी.एच.ई. विभाग के मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने मंत्री बनने के मात्र साढे तीन वर्ष के भीतर जिस प्रकार से अपनी संपत्ति में वृद्धि की है । यह जांच का विषय है । इनके द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए और दवाब पूर्वक कलेक्टर बंगले के सामने अपने परिजन के नाम से करोड़ों रूपयों की भूमि मिट्टी के मोल क्रय की गई । उसके पश्चात इनके संरक्षण में वहां हरे भरे आम के बगीचे को तहस नहस करके समतल भूमि कर दी गई । जिसके लिये नगर पालिका का भ्रष्ट प्रवृत्ति का सी.एम.ओ. परिहार जिम्मेदार है । जिसने मंत्री को बचाने के लिये अपनी ओर से एन.ओ.सी. जारी किया ।

जानकारी के अनुसार कोई भी अधिकारी एक या दो वृक्ष कटाने की अनुमति दे सकता है । पूरे बगीचे को उजाडने की नहीं । बताया तो यहां तक जा रहा है कि उस भूमि पर बलात कब्जा कर एवं उसे रहने लायक बनाने के लिये ही मंत्री द्वारा जनता की आंख में धूल झौंकते हुए भव्य धार्मिक आयोजन का कार्यक्रम किया गया था । वहां पर जब तत्कालिन दबंग कलेक्टर नवनीत कोठारी और पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने मंत्री को पेट्रोल पंप खोलने की अनुमति पत्र जारी नहीं किया तो इन्होने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए उनका तबादला करा दिया । प्रश्न यह है कि जो व्यक्ति यह कहा करता था कि मैं लोगों से चंदा लेकर एवं अपनी संपत्ति को विक्रय कर चुनाव लड़ता हॅू आज उसी व्यक्ति के जगह जगह करोड़ों के भवन और भूमि कहां से आ गई ।

चैरडिया ने कहा कि इनके फेक्टरी में निर्मित होने वाले सीमेन्ट पाईप इतने घटिया है कि उसका उपयोग नगरपालिका कहीं नहीं कर रही है । क्योंकि फिल्टर प्लाट लाईन में इन पाईपों का उपयोग किया गया तो ये जगह जगह से लीकेज हो गये और इससे नई समस्या पैदा हो गई । इतना सब कुछ होने के बाद भी मंत्री पद के दबाव में नगर पालिका बालाघाट के उपयंत्री को इनके पाईप खरीदने के लिये मजबूत होना पड़ता है । चैरडिया ने कहा कि यह विचारणीय प्रश्न है कि स्वतंत्रता संग्राम सेैनानी को दी गई सरकारी जमीन सहकारिता मंत्री के हाथों में कैसे पहुंच गई तथा इनके द्वारा जब लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अवैध रूप से कमरे निर्माण किये जा रहे थे और जब समाचार पत्रों ने इस अवैध कार्य को प्रकाशित किया तो रातोरात वह कमरे तोड़ दिये गये वह इस बात का प्रमाण है कि मंत्री सत्ता का दुरूपयोग कर रहे है ।

इसी प्रकार सहकारिता मंत्री के संरक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी लटारे ने बालाघाट कार्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बना कर रख दिया था और वर्तमान समय में उसने मंत्री की कृपा से अपने आप को उत्कृष्ठ विद्यालय में पदस्थ करा लिया जबकि जानकारों के अनुसार उनके जगह किसी अन्य व्यक्ति की पदस्थापना होनी थी । चैरडिया ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने ३१ मार्च २०१२ को मध्यप्रदेश विधानसभा में अपनी संपत्ति का जो ब्यौरा दिया है उसमें केवल खानापूर्ति नजर आती है। जितनी संपत्ति उसमें दशाई गई है उससे कई गुना ज्यादा संपत्ति वर्तमान में मौजूद है। सहकारिता मंत्री के परिजन द्वारा कटंगी क्षेत्र में खुले आम अवैध मैगनीज व मुरूम एवं रेत खनन का व्यवसाय किया जा रहा है जब क्षेत्रीय पत्रकार संदीप कोठारी ने इस मुद्दे को उठाया तो प्रशासन पर दबाव डाल कर झूठे मामले में उलझाकर उसे जिला बदर करवा दिया । चैरडिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अगर वास्तव में प्रदेश को स्वर्णिम प्रदेश बनाने का सपना रखते है तो उन्हें अपने मंत्रियों की संपत्तियों की सी.बी.आई. जांच करवाकर निष्पक्षता का प्रमाण देना चाहिये । ताकि जनता के समक्ष उनकी कथनी और करनी में अंतर दृष्टिगोचर न हो ।


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