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किसानों के साथ धरने पर बैठे पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह

किसानों के साथ धरने पर बैठे पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह

फतेहाबाद। गोरखपुर गांव में परमाणु संयंत्र के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन उपजाऊ है। सरकार को अपने फैसले पर दोबारा सोचन की जरूरत है और किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। यह कहना है पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह का। वे आज मंगलवार को फतेहाबाद सचिवालय पर पिछले दो वर्षों से जमीन की जंग लड़ रहे किसानों के धरने स्थल पर समर्थन के लिए पहुंचे व उपरोक्त बातें एक प्रेस वार्ता के जरिए कही।

पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाया की वे उनके साथ है व संघर्ष के लिए भी तैयार हैं। वे धरना स्थल पर निर्धारित समय 11 बजकर 28 मिनट पर पहुंचे और लगभग 5 मिनट तक किसानों के साथ धरना स्थल पर बैठे। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष हंसराज सिवाच ने कहा कि हमें बड़ा ही गर्व है कि पूर्व सेनाध्यक्ष ने उनका साथ दिया।

उन्होंने कहा कि हमने वीके सिंह ने से कहा कि हम पिछले दो साल से अपनी जमीन को बचाने के लिए आंदोलनरत हैं व सचिवालय परिसर पर धरना दिए हुए हैं। परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष सुभाष पूनियां ने बताया कि धरना स्थल पर आकर हमें समर्थन देने की बात को पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने स्वीकारी। इतना ही नहीं वे हमारी मांग को सरकार के मंत्रियों व मुख्यमंत्री तक लेकर जाएंगे ऐसा किसानों को विश्वास है। इसके पश्चात वीके सिंह ने जाट धर्मशाला में प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया इस दौरान उनके साथ रिटायर्ड आइएएस एमजी देवश्याम व प्रवक्ता अखिलेश विनायक भी मौजूद थे।

प्रेस वार्ता में पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि मैंने जब गोरखपुर गांव में जाकर देखा तो पता चला कि यहां की महिलाएं भी परमाणु संयंत्र के खिलाफ हैं। यहां कि जमीन उपजाऊ है और किसानों की अजीविका का प्रमख साधन है। कुल मिलाकर 1500 किसानों की जमीन छीनी जा रही है। वहीं खेतों में मजदूरी करने वाले सैकड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इन हालातों में वे कहां जाएंगे यह गंभीरता भरा प्रश्न है। इसके लिए गहन विचार विमर्श करने की आवश्यकता है।





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