Bookmark and Share डिजिटल भुगतान से वैश्यावृत्ति के व्यापार में कमी के आंकड़ों से बौखलाये ,मोदी के दूत रविशंकर प्रसाद                मंत्री है या भ्रष्टाचारियों के दलाल                 मोदी के राज में पत्रकारों की आवाज की जा रही बंद, फिर भी चाटुकार बजा रहे बीन                एस्सार समूह ने केंद्रीय मंत्रियों और अंबानी बंधुओं के फोन टैप कराए                1500 करोड़ का घोटाला, राजभवन ने नहीं की कार्यवाही                फर्जी डाक्टरों का सरगना डॉ.अभिमन्यु सिंह                मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं भ्रष्टाचारियों के सरगना कहिए !                पद़माकर त्रिपाठी को डॉ. नही सफेद एप्रिन का गिद्ध कहिए !                    
डॉ . त्रिपाठी चलाते है भ्रष्टाचार करने और कुकर्मो से बचने की ट्रेनिंग क्लास ,बनाते है योजनाऐं षड़न्यन्त्र से गरीबों के नाम से शासकीय धन के लूट की ।

डॉ . त्रिपाठी चलाते है भ्रष्टाचार करने और कुकर्मो से बचने की ट्रेनिंग क्लास ,बनाते है योजनाऐं षड़न्यन्त्र से गरीबों के नाम से शासकीय धन के लूट की ।
  बैसे तो डॉ त्रिपाठी के बारे में पुराने लोग जो भोपाल के पिछले 30-35 सालों से निवासरत है अथवा यहॉ के मूल निवासी है सब जानते है कि त्रिपाठी एक साधारण व्यक्ति नहीं छलकपट ,मानसिक रूप से आपराधिक मानसिकता वाला जीताजागता विक्षिप्त स्वरूप का प्राणी है। नये भोपाल के सेकेन्ड स्टॉप पर जव ये बचपन में अपने माता,पिता, के साथ परिवार में रहते थे । उस समय इनके पिताती म.प्र.विधान सभा में सेवारत थे। पिताजी इतने स्वाभिमानी थे कि तत्कालीन समय के एक न्यूमार्केट  किराना के दुकानदार बताते है कि उनके दुकान से किराना सामान के साथ एक माचिस भूलवश ज्यादा चली गई थी। तो वे दूसरे दिन दुकान पर आकर क्षमा मांगने लगे कि यह मेरी गलती से चली गयी थी जबकि दुकानदार की गलती से माचिस सामान में रख गयी थी । वही डॉ पद्माकर के बारे में बताते है कि इन्हें जब भी घर से पैसे सामान खरीदने के लिए मिलते थे तो उसमें से पैसे बचाक र सामान में कटौती करके घर ले ताते थे। इसका खुलासा भी दुकानदार ने इनके पिताजी से शिकायत करके किया था । इनके पिताजी की उत्तरांचल में आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु उपरान्त इनके बड़े भाई (सेवानिवृत सहकारिता विभाग )ने पिता तुल्य फर्ज अदा करते हुए इन्हें पढय़ा लिखाया, पालन पोषण किया और यहॉ तक पहॅुचाया । डॉ . त्रिपाठी ने न तो कोई जीवन में कोई पारिवारिक महत्व का कार्य किया ना कोई अपने समाजिक योगदान इनके जीवन का हमेशा से एक ही मक्सद रहा है कुछ भी करो पैसा कमाओं और विलासिता में लुटाओं। इनका छात्र जीवन भी अधिकांशत: टपोरीपन में ही व्यतीत हुआ है अर्थात पढ़ाई कम आवारागर्दी ज्यादा परीक्षाऐं भी ज्यादातर नकल मार के पास की यह जीवन्त चर्चाऐ इनके पुराने सहपाठियों से सुनी जा सकती है।
   बचपन,छात्रजीवन एवं सरकारी नौकरी का सेवाकाल इन सभी में एक रूपता रही  है वह है अपने जैसे लोगो के साथ षडय़न्त्र पूर्वक कृत्य एवं भेागविलास का साजो सामान इक_ा करना और सुख भोगना । इनकी भ्रष्ट मण्डली में चमचों के रूप में शामिल है ,विशेष प्रतिभा के धनी-

1-राजन नायर- डॉ.पद्माकर के खास चमचा लोगों में से एक है राजन नायर आत्मज सुब्रमण्यम मूलरूप से मलियाली गांधी मेडीकल कालेज में फार्मासिस्ट है । नौकरी तृतीय श्रेणी कर्मचारी की इनके पिताजी  बी.एच.ई.एल. में चपरासी थे ।अपने पड़ोसी मराठी परिवार की लड़की जिसके पिताजी भी बी.एच.ई.एल. में चपरासी थे,से प्रेम विवाह किया। नौकरी गॉधी मेडीकल कालेज में पर्चेजिंग का पूरा जिम्मा। रूतबा इतना कि बिना नायर साहब क ी मर्जी के प्रमुख सचिव की भी औकात नही कि कोई एक पत्ता भी हिल जाये। दुकादार/सप्लायर का माल सप्लाई ,आर्डर ,गुणवत्ता वो ही पास होगी जो नायर साहब चाहेंगें। इनके अन्दर विशेषता है कि कालेज के अधिष्ठाता की समसामयिक कुछ खास फर्माइर्शें रहती हैं। उनकी प्रतिपूर्पि ये स्वयं करते है और बदले में अधिष्ठाता के अघोषित रूप से अधिकार अपने पास रख लेते है जैसे अधिष्ठाता राज्यपाल और नायर साहब मुख्यमंत्री। अर्थात कोई भी आदेश बिना नायर की मर्जी के लागू नही होगा चाहे न्यायालय का आदेश/शासनादेश ही क्यों ना हो। नायर साहब काम बहुत ही सफाई से करते है रिकार्ड में कहीं कुछ भी  नियम विरूद्ध नजर नही आयेगा क्योकि कालेज में उनकी चलती है और बाहर रिकार्ड जा नहीं सकता । कोई ज्यादा दबाव हुआ तो रिकार्ड छिपाने, जलाने एवं नष्ट करने में महारथ हासिल है । नायर कोई अनजाना या बिन पहचाना चेहरा नही है बल्कि पूरे प्रशासन का चिरपरिचित चर्चित चेहरा है। नौकरी कुछ घण्टों की शेष समय त्रिपाठी जी की चमचागिरी  में विधान सभा के गलियारों में मंत्रालय में मंत्रियों के बंगलों में एवं विधायक विश्राम परिसर में निकलता है। इस बीच किसी ने कुछ खास फर्माइश कर दी तो शासन द्वारा आवन्टित शासकीय आवास सेवा के लिए तैयार है। यहॉ समयानुसार सेवा लेने वाले की औकात के अनुसार व्यवस्था करा दी जाती है। परन्तु उसका शुल्क  जरूर लगता है। जिसमें नोटशीट,विधानसभा के फार्म, राजनैतिक,प्रशासकीय सहयोग आदि......। अघोघित रूप से एक फर्म का स्वामी एवं तथाकथित स्टोरकीपर एसोसिएशसन का अध्यक्ष वर्तमान में भोपाल के सांसद श्री कैलाश जोशी जी के पुत्र विधायक श्री दीपक जोशी क ी शरण में रहकर मालवा के दबंग मॅत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के नाम का सहारा लेकर करोड़ो के वारे न्यारे कर रहा है।  मॅत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के यहॉ इसकी कितनी औकात है इसकी कोई आधिकारिक पुष्टी नही है परन्तु सप्लायरों एवं दलालों में नाम खूब चर्चित कर रखा है। राजन नायर की नौकरी एवं बेतन देखें तो घर परिवार का खर्च निकालने के बाद साईकिल भी नहीं खरीद सकता परन्तु वास्तविकता में वैसा नहीं है। राजन नायर सुन्दर नगर इन्द्रप्ररी में स्वयं के द्वारा सास के नाम से क्रय किये गये भूखण्ड पर आलीशान भवन निर्माण कराकर सपरिवार निवास करता है। इसके अतिरिक्त कटारा हिल्स,मीनान रेजीडेंसी सहित शहर के अन्य कई स्थान पर बेनामी संपत्तियॉ बनायी है। घर परिवार में वाहनों की भरमार है। स्वयं सेन्टा्रें कार में चलता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्कीम्स में फिक्स डिपोजिट तथा महाराष्टा्र में निवेश अलग से आखिर बीबी का मायका जो महाराष्टा्र में है जलवा तो वहॉ भी दिखना पड़ेगा।
 2-प्रेम बावू बरूआ-

डॉ.पद्माकर के खास सेवक रूपी चमचों में शामिल है प्रेम बाबू बरूआ आत्मज स्व.रामदास बरूआ ग्राम लहार जिला भिण्ड का निवासी है। गॉव की माली हालात खराव होने के कारण अस्सी के दशक में भोपाल में रोजगार की तलास में भोपाल पदार्पण किया । इस उम्मीद के साथ कि गॉव में विधवा मॉ को कुछ सहारा देंगा । भोपाल स्टेशन के पास आकर रहने लगे दिहाड़ी मजदूरी पर कामकर गुजारा करने लगे । उसी समय भेापाल के यूनियन कार्बाइड कारखने में दुघर्टना हो गयी जिसमें भीषण त्रासदी में सहयोग के लिए रेड क्रॉस सोसायटी के अन्दर बरूआ को सेवा करने का मौका मिल गया । उसके बाद रहने के लिए एक कमरे का मकान किराये पर मिल गया जो स्टेशन बजरिया के गरमगड्डा क्षेत्र में मौहम्मदीन कुरैशी का मकान था। उसके बाद कुछ दिन वाद महामाई का बाग में मकान ले लिया। यह दिन बरूआ के लिए अच्छे दिन आने के संकेत थे, और हुआ भी वही गैस राहत में जितने भी डॉ और कर्मचारी थे उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधीन लेकर उन्हें शासकीय सेवक का दर्जा प्रदान कर दिया। अब बरूआ जी की तो लाटरी खुल गयी चूकिं न तो ये डाक्टर थे न फार्मेसी वाले बस एक लाट में गैस पीडि़तो की सेवा की आड़ में कंपाउन्डर बन गये धीरे से कही से एक कूटरचित फर्जी सर्टीफिकेट दिखाकर एवं जोड़तोड़ एवं पांव छूने की तकनीक से स्टोर कीपर बन गये । स्टोर कीपर बनते ही फिर पुरानी तकनीक के तहत जोड़तोड़ एवं पांव छूने की तकनीक से स्टोर कीपर और पर्चेजिंग का कार्य करने लगे और पिछले करीब 15-16 वर्षाे में ये मामूली से किरायेदार से पचास करोड़ की अघोषित एवं बेनामी संपत्ति के स्वामी है। भोपाल के पॉश एरिया रचना नगर के हवेली नुमा भवन में निवास करते है। चेतक ब्रिज के नीचे दो आलीशान दुकानें है। वहॉ उनका निजी चिकित्सालय चल रहा है। बेटा क्लीनिक का संचालक है। पूरे प्रदेश एवं दसरे राज्यों की दबा कंपनियों के लोंगों से सतत संपर्क ,नौकरी एक दो घण्टे की शेष समय त्रिपाठी जी की चमचागिरी , में विधान सभा के गलियारों में मंत्रालय में एवं विधायक विश्राम परिसर में स्वास्थ्य विभाग के मंत्री के बंगले पर  किसी के भी पैर छूते मिल जायेंगें। इस बीच किसी ने कुछ खास फर्माइश कर दी तो साहब तत्काल हाजिर। रूतबा दिखाने में इतने माहिर कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का विधान सभा का टिकिट दिलवाने एवं कटवाने में सक्षम। निजी व्यवसाय में सरकारी दवाओं का भोपाल से वाहर बेचने का व्यापार करना एवं दूसरे जिलों के कर्मचारियों अधिकारियों के सस्पेन्शन, ट्रान्सफर, पोस्टिंग,नौकरी लगवाना,मेडीकल कालेजों में एडमीशन कराना एवं संचालनालय के आदेशानुसार दूसरे जिलो में जाकर क्रय करने हेतु आर्डर बनाकर लाना एवं ऑर्डर अनुसार कमीशन की रकम का हवाला का कारोवार। निवेश कृषि भूमि एवं फार्म हाउस तथा अन्य कई क्षेत्रों में । आजकल सरकार के प्रवक्ता एवं स्वास्थ मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा जी के सगे रिश्तेगार बन जाने की चर्चा है । चर्चा है कि स्वास्थ मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा जी का रिश्तेदार बनने के लिए शादी में बरूआजी ने करीब एक करोड़ रूपया खर्च किया है।
3-राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा-

डॉ.पद्माकर के एक खास सेवक रूपी चमचों में शामिल है राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा आत्मज सत्यदेव मिश्रा फार्मासिस्ट मूल निवासी मझगवां जिला रीवा चालढाल काम से देखते ही पहली नजर में ें कोई भी बोलेगा शातिर दिमाग प्राणी । खण्डवा, विदिशा ,भोपाल,होशंगाबाद राजगढ आदि जिलों में शानदार शातिराना तरीके से नौकरी  अपनी हुनरमंदी  के दम पर विना सर्विस बुक के फर्जी कुटरचित फोटो कापी कर बेतन भत्ते सब बहाल । चर्चा है कि अवैध नियुक्ति के कारण सर्विस बुक स्वयं ने नष्ट करा दी । वर्तमान में विधान सभा में आध्वासन के कारण निलम्बित। गॉव की माली हालात ज्यादा अच्छी नहीं भोपाल में गुफा मन्दिर रोड पर गोल्फ लिंक में आलीशान बंगला । वर्तमान में किराये पर जॉच ऐजेन्सीयों के डर से स्वयं भी किसी गुप्त स्थान पर रहने चले गये है। अन्य कारोबार में दवा सप्लायर कंपनियों के साथ अच्छा लगाव ।थाना कोतवाली क्षेत्र भोपाल में संचालित पत्नी के नाम की ट्रेवल ऐसेन्सी के लिए टूर पैकेज बेचने का कारोबार जिसके कमीशन में त्रिपठी जी की हिस्सेदारी चॅूकि बड़ी राशि के टिकिट डॉ.पद्माकर के संबन्धो से ज्यादा बिकते है। निरन्तर.......



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