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अन्ना बोले, पीएम साफ छवि वाले इंसान



नासिक। अब अन्ना हजारे के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट दिए जाने पर टीम अन्ना के सदस्य नाराज हो गए है। एक दिन पहले ही दिल्ली में प्रेस वार्ता में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर घोटालेबाजी का आरोप लगाया था। जिसके बाद विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने आड़े हाथों लेते हुए मानहानि का केस करने की धमकी दी।

विवादों में घिरने के बाद रविवार को अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को साफ छवि वाला इंसान बताते हुए क्लीन चिट दे दी। अन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ऊपर कोई भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकते। हालांकि इस बयान के बाद टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण सहमत नहीं है। उन्होने अन्ना के इस बयान पर असंतुष्टी जाहिर की। लेकिन किसी ने भी इस बयान पर टिप्पणी नहीं की।


पीएम पर टीम अन्ना ने क्यों लगाए आरोप
समाजसेवी अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी प्रशांत भूषण ने कोयला घोटाले पर आधारित भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित १५ कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के आरोप लगाए।

एक प्रेस वार्ता में भूषण ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री को कागजात भेज दिए हैं। हमने १५ मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। २४ जुलाई तक इस पर कोई कार्रवाई न करने पर टीम अन्ना बड़ा आंदोलन करेगी।'

भूषण ने कहा, कोयला घोटाले पर आधारित कैग की इस रिपोर्ट के मुताबिक २००६ से २००९ तक कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री के ही पास था। ऎसे में उनपर आरोप लगना लाजमी है।

इन पर मंत्रियों पर लगाए आरोप
७९ पृष्ठों के दस्तावेज में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम, प्रणब मुखर्जी, शरद पवार, एसएम कृष्णा, कमलनाथ, प्रफुल्ल पटेल, विलासराव देशमुख, वीरभद्र सिंह, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, जीके वासन, फारूख अब्दुल्ला, एमके अलागिरी और एसके शिंदे के खिलाफ आरोप हैं। दस्तावेज में बताया गया है कि किसके खिलाफ, किस कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कौन सा आरोप है।


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