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उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्रीअखिलेश के बारे में कुछ खास बातें



उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने जा रहे अखिलेश यादव को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की तरह ही जमीन से जुड़ा नेता कहा जा रहा है। यूपी में समाजवादी पार्टी की शानदार जीत का श्रेय उनके व्यक्तित्व की इसी खूबी को दिया जा रहा है। आइए, जानते हैं अखिलेश के बारे में कुछ और बातें-

- अखिलेश का जन्म १ जुलाई १९७३ को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ। अखिलेश मुलायम और उनकी पहली पत्नी मालती देवी की संतान हैं।

- अखिलेश की शुरुआती पढ़ाई धौलपुर, राजस्थान के सैनिक स्कूल में हुई है। उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी (कर्नाटक) से इंजिनियरिंग में बीई और एमई किया है। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से की।

- २७ साल की उम्र में अखिलेश ने राजनीति में कदम रखा। पहली बार वह २००० में उपचुनाव के जरिए कन्नौज से संसद पहुंचे थे। उसके बाद भी वह १४वीं और १५ वीं लोकसभा के लिए यहां से चुने गए।

- २००४ में वह कन्नौज संसदीय सीट से बीएसपी नेता अकबर अहमद डम्पी को हराकर संसद पहुचे थे।

- २००९ में अखिलेश ने कन्नौज और फिरोजबाद, दोनों सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और दोनों जगहों से जीते। उन्होंने फिरोजाबाद की सीट छोड़कर कन्नौज की सीट अपने पास रखी।

- मुलायम ने २००९ में अखिलेश को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। इससे पहले वह पार्टी की युवा ईकाई के अध्यक्ष थे।

- अखिलेश ने विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी मेहनत की। पिछले ६ महीनों में उन्होंने करीब १० हजार किलोमीटर की यात्रा की और करीब ८०० रैलियों में हिस्सा लिया।

- अखिलेश संसद की कई समितियों के सदस्य हैं और वह इनकी ‍बैठकों में नियमित रूप से भाग लेते हैं।

- लैपटॉप में अपने चुनाव क्षेत्र के आंकड़ों की जानकारी रखने वाले अखिलेश को अक्सर ग्रामीण इलाकों में साइकिल की सवारी करते भी देखा गया। सांसद के रूप में उन्होंने लोकसभा में बहुत सारे मुद्दों को उठाया और बहुत से महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछने का सिलसिला भी जारी रखा है।

- अखिलेश की शादी राजनीति में भाग्य आजमा चुकीं डिंपल के साथ हुआ है। डिंपल ने २००९ में उपचुनावों में फिरोजाबाद सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन राज बब्बर से हार गई थीं। अखिलेश और डिंपल के तीन बच्चे हैं। बेटी अदिति और फिर जुड़वां बच्चे- अर्जुन और टीना।

- वह अपने पिता की तरह पहलवानी के शौकीन नहीं हैं। उन्हें फुटबॉल देखने और खेलने में मजा आता है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्में ‍देखना भी उन्हें बहुत पसंद है।

- अखिलेश के दोस्तों की लिस्ट बहुत लंबी नहीं है, लेकिन कुछ लोगों को उनका बेहद करीबी माना जाता है। अखिलेश के करीबी लोगों में सुनील यादव और राजीव राय हैं। सुनीव को उनकी आंख और कान कहा जाता है। वह उन्नाव के जयनारायण डिग्री कॉलेज छात्र यूनियन के पूर्व अध्यक्ष हैं। राजीव राय पार्टी के सेक्रेटरी हैं और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पार्टी का मत रखने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। पार्टी के एक और सेक्रेटरी नावेद सिद्दीकी भी उनके काफी करीबी बताए जाते हैं। रेडियो मिर्ची में आरजे रह चुके नावेद, अखिलेश यादव के साथ लगातार क्रांति रथ पर भी थे।


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