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उनसे' दीवानों की तरह मिला करती थी जाहिदा


भोपाल। शेहला हत्याकांड का खुलासा करने के बाद सीबीआई ने मंगलवार को पहली बार आधिकारिक तौर पर इसके बारे में मीडिया को जानकारी दी। हत्या के कारणों से पूरी तरह पर्दा उठाते हुए सीबीआई ने साफ किया कि इस मामले में गिरफ्तार जाहिदा परवेज की विधायकध्रुवनारायण के प्रति दीवानगी ही मुख्य वजह रही।  विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने पिछले कुछ माह से जाहिदा परवेज से कन्नी काटना शुरू कर दी थी। कई बार ऐसा हुआ जब वह ध्रुव से मिलने उनके बंगले या दफ्तर पहुंची तो उन्होंने बहाना बना दिया। एक या दो बार वह ऑफिस में फर्जी विजिटिंग कार्ड देकर मिलने पहुंच गई। इस दौरान ध्रुव का शेहला से मिलना-जुलना बरकरार था। यह बात जाहिदा से हुई पूछताछ में सामने आई है। सीबीआई के सूत्र बताते हैं किध्रुव ने कन्नी क्यों काटना शुरू की यह तो पता नहीं चला, लेकिन सीबीआई को लगता है कि इसी वजह से जाहिदा पर सनक सवार हो गई और बात हत्या तक पहुंच गई। कटिंग्स की फाइलिंग  जाहिदा के दफ्तर से एक फाइल मिली है जिसमें १६ अगस्त को शेहला की हत्या से जुड़ी हर खबर की कटिंग लगी हुई है। दोनों ने पूछताछ में माना है कि वे अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस बारे में आने वाली खबरों पर हंसती थीं। उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि सीबीआई उन तक पहुंच भी पाएगी।  सब कुछ ऑबसेशन का नतीजा  सीबीआई जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि विधायकध्रुव को लेकर जाहिदा का पागलपन, डायरी में दर्ज बातें और हत्या की सुपारी देना सब कुछ ऑबसेशन का ही नतीजा है। सीबीआई केएडिशनल डायरेक्टर के. सलीम अली ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में भी इसकी पुष्टि की। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार हत्या की साजिश रचने से लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाने का तरीका बेहद शातिराना है। यदि सीबीआई ने वैज्ञानिक तरीके से जांच नहीं की होती तो इन्हें पकड़ना मुश्किल था।  ११.१९.३० पर हुई हत्या  सीबीआई ने जांच में यह साबित कर लिया है कि शेहला की हत्या १६ अगस्त को ११ बजकर १९ मिनट ३० सेकंड से ४० सेकंड के बीच हुई। प्रोफेशनल शार्प शूटर शानू ओलंगा ने उसे नजदीक से गोली मारी। गोली चलने की आवाज क्यों नहीं आई, इस सवाल का जवाब तभी मिलेगा, जब हथियार जब्त होगा। शाकिब ने ११ बजकर २३ मिनट पर जाहिदा को काम हो जाने की सूचना दी।  यह भी खास -  सीबीआई ने जांच के दौरान ९ लाख कॉल डिटेल की जांच की। -जाहिदा के पास तीन फोन हैं। इनमें से एक उसके नाम से है। -सबसे पहले शाकिब शक के दायरे में आया। फिर जाहिदा और इरफान पर शक हुआ। -जाहिदा, सबा और इरफान जांच एजेंसी को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। -इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या जाहिदा शूटर्स की भी जासूसी करा रही थी? -५ लाख में सौदा तय हुआ था, लेकिन जाहिदा ने सिर्फ ३ लाख ही दिए थे।


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