Bookmark and Share डिजिटल भुगतान से वैश्यावृत्ति के व्यापार में कमी के आंकड़ों से बौखलाये ,मोदी के दूत रविशंकर प्रसाद                मंत्री है या भ्रष्टाचारियों के दलाल                 मोदी के राज में पत्रकारों की आवाज की जा रही बंद, फिर भी चाटुकार बजा रहे बीन                एस्सार समूह ने केंद्रीय मंत्रियों और अंबानी बंधुओं के फोन टैप कराए                1500 करोड़ का घोटाला, राजभवन ने नहीं की कार्यवाही                फर्जी डाक्टरों का सरगना डॉ.अभिमन्यु सिंह                मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं भ्रष्टाचारियों के सरगना कहिए !                पद़माकर त्रिपाठी को डॉ. नही सफेद एप्रिन का गिद्ध कहिए !                    
जिला रायसेन की गौहरगंज जेल से कैदी फरार े,जेल रिकार्ड बताया रिहा ,कार्यवाही से बचने ें जेल कर्मी खुद बना जमानतदार ,डी आई जी जेल ने लिया आरोपी को बचाने का ठेका।

उपजेल गौहरगंज जिला रायसेन में धारा 25 आम्र्स एम्ट के तहत विचाराधीन बन्दी ,नेतराम आत्मज सुखराम निवासी ग्राम डोब तह- गौहरगंज जिला रायसेन परिरूद्ध था । प्रभारी जेलर श्री महेश टिकारिया 26/4/09 को अवकाश पर जबलपुर चले गये तथा जेल का प्रभार मुख्यप्रहरी भरत राम यादव को दे गये । 26/4/09 रविवार का दिन था प्रात: लगभग आठ नौ बजे के दरम्यान जेल के अन्दर आटा पिसाई के लिए ट्रेक्टर बुलाया गया था । उसमें गेहँू के बोरे लादने के लिए बन्दियों को लगाया गया था , मेन गेट खुला हुआ था । मौका पाकर बन्दी नेतराम जेल से भाग गया । ट्रेक्टर जाने के बाद जब इसकी भनक लगी तो मुख्यप्रहरी एवं लहराज सिंह प्रहरी ने कार्य वाही से बचने के लिए कूटरचित तरीके से बन्दी को जेल रिकार्ड में न्यायालय से 25/4/09 को जमानत आदेश दर्शाकर रिहाई दर्ज कर दी । चूँकि कैदी भागा था तथा जमानत हुई नहीं थी । एक योजना के तहत लहराज सिंह ने जे.एम.एफ.सी.न्यायधीश गौहरगंज से जमानत अर्जी लेकर रविवार को मुलाकात की। मान. न्यायाधीश ने दूसरे दिन आने को कहा चूँकि दिन रविवार अवकाश का था । दिनांक 27/४/09 को प्रात: लगभग साढ़े ग्यारह बजे लहराज सिंह आत्मज श्री आर.एस.ठाकुर ने अपनी जी.पी.एफ. तथा वेतन स्लिप लगाकर जमानत के लिए आवेदन लगाया तथा जमानत हासिल कर ली । तथा कूटरचित तरीके से प्राप्ति भी दिनॉक 25/4/09 के दिन प्रविस्टी डिस्पेच रजिस्टर में करा दी । अब जॉच के बिन्दु यह भी है कि 1- जी.पी.एफ. तथा वेतन स्लिप पर क्षेत्रीय राजस्व कार्यपालिक दण्डाधिकरी अर्थात एस.डी. एम के हस्ताक्षर तथा जेलर के हस्ताक्षर आवश्यक है । तो वह अवकाश के दिन कैसे हुए ,अर्थात दस्तावेज कूटरचित होने की पूर्ण संभावना है । 2-जब जेलर दिनांक 26/४/09 को लॉकअप खुलने के बाद अवकाश लेकर जबलपुर के लिए रवाना हुए थे ।यदि जमानत 25/4/09 को होती तो 25/4/09 और 26/4/09 को लॉकअप खुलने के बाद तक जेल में कैसे था । 3- जब जेलर को अवकाश पर जाना था तो सर्किल जेल अधीक्षक अथवा लिंक में जो भी जेलर है उन्हें चार्ज देकर क्यो नहीं गये ? चार्ज जेल के प्रहरी को देकर क्यों गये ? 4- यदि मान भी ले कि जमानत आदेश 25/4/09 को न्यायलय से पारित हुए है तो जमानतदार प्रहरी लहराज सिह ने अपनी जी.पी.एफ. तथा वेतन ङ्क्षस्लप लगाकर बन्दी की जमानत क्यों करायी आखिर अवैध हथियार रखने के आरोपी से लहराज सिंह के क्या सम्बन्ध थे ?


Email (With coma separated ) :
You can Advertisment here
संपर्क करें      मेम्बेर्स      आपके सुझाव      हमारे बारे मे     अन्य प्रकाशन
Copyright © 2009-14 Swarajya News, Bhopal. Service and Private Policy